बिहार में रुबी राय की गलती नहीं है भाई गलती उस खराब सिस्टम की है जिसमें ये सब हुआ।
अब रुबी का साक्षात्कार किस आधार पर लिया गया ...क्या बिहार शिक्षा बोर्ड के किसी शासनादेश में ये लिखा है कि यदि लिखित परीक्षा में कोई प्रथम स्थान प्राप्त करें तो उसका साक्षात्कार होना चाहिये। जब ये नियम ही नहीं है तो फिर उसका साक्षात्कार तो सरकार द्वारा किया गया कार्य असंवैधानिक है। उसको किसी ने नकल करते पकडा नहीं है और वह लिखित परीक्षा है न कि मौखिकी परीक्षा।
यदि रुबी जेल में है तो वे कक्षनिरीक्षक भी जेल में होने चाहिये जिन्होनेण उसे नकल करनें दिया। वे ही क्यों केन्द्र निरीक्षक व केन्द्राध्यक्ष भी जेल में होना चाहिये। वे क्या लालू की भेंस चराने गये थे।
और यदि वे कह रहें है कि उनके केन्द्र में नकल नहीं हुई तो फिर और कौन होता है ये कहने वाला कि उनके केन्द्र पर नकल हुई।
जब सब चोर हो तो एक को ही जेल में क्यों डाल दिया भाई। और वो भी असंवैधानिक रूप से।
बिहार में नकल कराते हुए अभिभावकों की वीडियों सभी समाचार चैनलों पर वायरल हुई क्या बिहार सरकार नें उस केन्द्र के सभी छात्रों का साक्षात्कार करा लिया।
सभी का कराओ फिर से या फिर छोडो रुबी को। जब सरकार की कोई शिक्षानीति ही नहीं कहती कि लिखित परीक्षा में उत्तीर्ण का साक्षात्कार होना चाहिये तो फिर उसका क्यों।
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